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हवा  हवा क्या  है? किसी ने देखा क्या   सिर्फ  महसूस  किया की हवा है  ऐसे ही कुछ रिश्ते होते है  जिन्हें सिर्फ महसूस किया  जा सकता है, हवा और  रिश्ते  कितने सामान होते है   हवा  हल्की होंती  है शीतलता  देती है  मन को शांति प्रदान प्रदान  करती है  कुछ रिश्ते ऐसे होते है  जो बहुत प्यारे होते है  जिनका वजूद कुछ नहीं होता  पर वो होते है सबसे  अनमोल  हवा की तरह दिखायी नहीं देते  मन को शांति प्रदान करते है  हवा  जिसे देखा नहीं जा सकता  बस महसूस किया जा सकता है 



समय  समय बहुत बलवान, हर घाव भर देता है  समय बता देता है, की कौन सा वक़्त सही है  समय मुझे  बताओ  की  में कैसे किसी के   दुःख को कम कर दू  समय सुनाओ उसकी कहानी  जो दूर देश से आता था, कैसे  सबके आसू पोछकर  खुशिया वो विखरता था, समय मुझ को बताओ  की कैसे में दुनिया में खुशिया  की रौशनी विखरा सकू  समय तुम तो सब जानते हो, तो कोई  गीत गुनगुना दो जिससे अँधेरा दूर   हो
प्रेम
प्रेम  एक शब्द है,
प्रेम एक विश्वास है
प्रेम एक फूल है,
जो कभी मुरझाता नहीं
चारो तरफ फेलता है
खुशबु
प्रेम एक चांदनी है
जो हर रहती  तरफ खिली रहती है
प्रेम एक खुशबु  है
जो  सारे जहा  महकाती  है 
फिर भी इन्सान
प्रेम को  नहीं समझ पाटा
हर समय  लड़ता है
प्रेम  से बड़ी कोई चीज़
दुनिया में नहीं है
इसी की बदोलत तो
दुनिया में अमन चैन  है
प्रेम उपासना है
पूजा है
क्रिशन  है
राधा है
मीरा है प्रेम 

ऐ हवा  ऐ हवा कहा हो तुम, कभी मेरे दर पर भी आया करो  और दे जाया करो कुछ मीठी यादे , जो  सम्हाल कर रखी है तुमने   शाम ढलने वाली है  और  मंद मंद हवा  कुछ संदेसा ला रही है  ऐ चाँद  तुम अपनी चांदनी  की इनायत कर दो  मेरे इस  सूने घर में  कुछ रौशनी कर दो, वैसे मैंने रौशनी के लिए  चिराग भी जलाये है बहुत  पर हवा के एक बयार से  वो चिराग  भी बुझ गए  ऐ हवा तुम आ जाओ  और दे जाओ मीठी मीठी याद
नारी  नारी क्या है? किसने जाना    कोई उसे देवी मानता  तो कोई पैर की जूती  नारी नाम है स्वाभिमान का  न की अपमान का, तभी तो आज नारी  हो रही है कम  ममता का भी हो रहा अपमान  क्यों उसे सहना पड़ता है अपमान  क्या वो एक इन्सान नहीं है, क्यों वो सहे सबके अपमान  नारी को देवी के रूप में है पूजते  और फिर उसकी का करते है अपमान  क्यों न हम समझे की वो भी एक इन्सान  और उस की इज्ज़त करे